यदि IOC खिलाड़ियों के पुरस्कार संबंधी नीति नहीं बदलता तो लॉस एन्जलेंस ओलम्पिक 2028 में मुक्केबाज़ों को इनामी राशि देने का वादाः IBA अध्यक्ष उमर क्रेमलेव
25 फ़रवरी 2026 / सामान्य, IBA अध्यक्ष
लॉज़ान, स्विट्ज़रलैंड : अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज़ी संघ (IBA) के अध्यक्ष उमर क्रेमलेव ने घोषणा की है कि यदि अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) खिलाड़ियों को दिए जाने वाले पुरस्कार/इनाम से संबंधित अपनी नीति में बदलाव नहीं करती है, तो लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 में भी मुक्केबाज़ों को उसी प्रकार इनामी राशि प्रदान की जाएगी, जैसा कि पेरिस ओलंपिक 2024 में किया गया था।
IBA अध्यक्ष ने उन ओलंपिक खिलाड़ियों के प्रति अपनी सहानुभूति व्यक्त की, जिन्होंने हाल ही में IOC द्वारा खिलाड़ियों के वित्तीय शोषण के खिलाफ खुलकर आवाज़ उठाई है। उन्होंने कहा कि जहाँ IOC विपणन, प्रायोजन और प्रसारण से अरबों डॉलर का राजस्व अर्जित करता है, वहीं खिलाड़ी—जो किसी भी खेल की आत्मा होते हैं—ओलंपिक आंदोलन के भीतर सबसे अधिक असुरक्षित और आर्थिक रूप से उपेक्षित बने रहते हैं।
हाल ही में बायथलॉन खिलाड़ी एलवीरा ओबर्ग और उनके साथी सेबास्टियन सैमुअलसन द्वारा व्यक्त आक्रोश ने IOC की उस नीति के प्रति बढ़ती नाराज़गी को उजागर किया है, जिसमें खिलाड़ियों को अपने व्यक्तिगत प्रायोजकों के विज्ञापन के अधिकारों पर प्रतिबंध लगाया जाता है, साथ ही IOC की समग्र वित्तीय सोच पर भी सवाल उठते हैं। सैमुअलसन ने स्पष्ट रूप से कहा कि खिलाड़ी अपनी सफलता से स्वयं लाभान्वित होना चाहते हैं और उनके द्वारा उत्पन्न राजस्व में हिस्सा चाहते हैं, न कि ऐसा प्रतीत हो कि उनकी मेहनत से “अधिकारियों के लिए और अधिक भोज व दावतें” प्रायोजित की जा रही हों, जबकि खिलाड़ी स्वयं संघर्ष कर रहे हों।
अध्यक्ष क्रेमलेव ने ज़ोर देकर कहा कि यह केवल विपणन (मार्केटिंग) का मुद्दा नहीं है, बल्कि व्यवस्था की एक प्रणालीगत विफलता है, जहाँ खेल अधिकारी खिलाड़ियों की कीमत पर फल-फूल रहे हैं और बदले में उन्हें कुछ भी नहीं दे रहे।
क्रेमलेव ने कहा,
“ओलंपिक खेल अब खेल तक सीमित नहीं रह गए हैं। यहाँ राजनीति बहुत अधिक है और उन लोगों के प्रति सम्मान बहुत कम, जो वर्षों तक जिम में पसीना बहाते हैं। आज IOC के मंच पर खिलाड़ी नहीं, बल्कि राजनीति, व्यक्तिगत एजेंडे और पर्दे के पीछे के खेल खड़े हैं। खिलाड़ियों को न तो उनकी मेहनत का उचित पारिश्रमिक मिलता है और न ही उनके भविष्य को लेकर कोई भरोसा।”
पेरिस 2024 ओलंपिक खेलों के संदर्भ में, क्रेमलेव ने IOC की आलोचना करते हुए कहा कि उसने खिलाड़ियों को उनके वैध अधिकारों की कमाई से वंचित किया। इसके विरोध में IBA ने क्वार्टर फ़ाइनल तक पहुँचने वाले शीर्ष मुक्केबाज़ों को कुल मिलाकर 30 लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक की इनामी राशि प्रदान की। स्वर्ण पदक विजेता मुक्केबाज़ों को 1,00,000 डॉलर दिए गए, जिनमें से 50,000 डॉलर खिलाड़ी को, 25,000 डॉलर कोच को और 25,000 डॉलर संबंधित राष्ट्रीय महासंघ को दिए गए। रजत पदक विजेताओं को 50,000 डॉलर और कांस्य पदक विजेताओं को 25,000 डॉलर मिले, जिसे उसी अनुपात में वितरित किया गया। पाँचवाँ स्थान प्राप्त करने वाले मुक्केबाज़ों को IBA की ओर से 10,000 डॉलर दिए गए। अध्यक्ष क्रेमलेव ने दोहराया कि यदि IOC प्रबंधन अपने दृष्टिकोण में आवश्यक सुधार लागू करने में विफल रहता है, तो वह यह कदम दोबारा उठाएँगे।
क्रेमलेव ने आगे कहा,
“IBA मुक्केबाज़ों को उनके भविष्य, उनके परिवारों की सुरक्षा के लिए सभी परिस्थितियाँ तैयार करता है। मुझे उन ओलंपिक चैंपियनों के लिए गहरा दुख होता है, जिन्हें खेल अधिकारी वंचित कर रहे हैं और खिलाड़ियों की मेहनत की कमाई को भव्य रात्रिभोजों और पाँच सितारा होटलों पर खर्च कर रहे हैं। मुझे आशा है कि IOC का नया नेतृत्व उस पुराने ‘कैंसरग्रस्त ट्यूमर’ से स्वयं को मुक्त करेगा, जो ओलंपिक परिवार को नष्ट कर रहा है, और खिलाड़ियों, कोचों तथा राष्ट्रीय महासंघों के हितों की रक्षा और स्वतंत्रता का मार्ग चुनेगा। खेल अधिकारी खेलों की सेवा के लिए होते हैं—खिलाड़ियों, कोचों और प्रशंसकों के बिना उनके पद और उपाधियाँ अर्थहीन हैं।”
IBA का मानना है कि वर्तमान ओलंपिक नेतृत्व को अपनी रणनीति में पूर्ण परिवर्तन करना चाहिए, ताकि खिलाड़ियों, कोचों और राष्ट्रीय महासंघों की स्वतंत्रता और आर्थिक सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा सके। IBA का मॉडल वर्तमान ओलंपिक प्रणाली से बिल्कुल अलग है, जहाँ खेल को एक समग्र पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में देखा जाता है और पेशेवर करियर पथ को पारदर्शी व ठोस निवेश के माध्यम से विकसित किया जाता है।
IBA पहले ही एक उदाहरण स्थापित कर चुका है, जहाँ दी जाने वाली इनामी राशियाँ केवल खिलाड़ियों तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि पूरे सहयोगी तंत्र को टिकाऊ बनाती हैं। IOC के अस्पष्ट “पुनर्निवेश” दावों के विपरीत, IBA पुरस्कार निधि के स्पष्ट और सार्वजनिक रूप से घोषित आँकड़े प्रस्तुत करता है।
ओलंपिक आंदोलन के नए नेतृत्व के लिए IBA का संदेश स्पष्ट है—खिलाड़ी को “भिखारी” समझने का युग अब समाप्त होना चाहिए।
क्रेमलेव ने अंत में कहा,
“यदि 2028 ओलंपिक तक IOC अपनी सोच नहीं बदलता और खिलाड़ियों के हितों की रक्षा की दिशा में कदम नहीं उठाता, तो IBA एक बार फिर आगे आने के लिए तैयार है। हम ओलंपिक चैंपियनों और पदक विजेताओं को वही इनामी राशि देंगे, जो पहले दी गई थी, क्योंकि वे हमारे खिलाड़ी हैं और IBA उनका मुक्केबाज़ी घर है। खेल का केंद्र बिंदु खिलाड़ी और उनके अधिकार होने चाहिए, और पूरे ओलंपिक आंदोलन को एक साहसिक और मूलभूत पुनर्गठन की आवश्यकता है।”